Commentary
आशीष खेतान और 'रेशनलिज्म' के कारोबारियों का चोली-दामन का साथ पुराना है
आशीष खेतान और 'रेशनलिज्म' के कारोबारियों का चोली-दामन का साथ पुराना है

नरेन्द्र दाभोलकर की हत्या पर राजनैतिक रोटी सेंकने के लिए पीछे खड़े ये एनजीओ कारोबारी अक्सर हिन्दू एक्टिविस्ट्स की सरेआम हत्याओं पर अपने होठ सिलकर रखते हैं.

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यदि ‘दुकान अपनी है’ तो ‘अपनों’ का ख्याल भी रखा जाना चाहिए
यदि ‘दुकान अपनी है’ तो ‘अपनों’ का ख्याल भी रखा जाना चाहिए

कड़े विरोध के बाद #BoycottAmazon कैंपेन परिणामस्वरुप अमेज़न को श्रीगणेश और माँ लक्ष्मी के तस्वीरों वाले डोरमैट्स वापस लेने पड़े हैं.

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Are The Courts Testing The Patience Of Hindus?
Are The Courts Testing The Patience Of Hindus?

In the name of secularism, the Courts are interfering in the religious affairs and spiritual practices of Hindus alone. They are just afraid of applying the same logic (gender equality) in the case of Muslims and Christians.

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कथित ‘आज़ादी’ मांगने वालों को मुंशी प्रेमचंद की यह कहानी एक आईना दिखाती है
कथित ‘आज़ादी’ मांगने वालों को मुंशी प्रेमचंद की यह कहानी एक आईना दिखाती है

'भारत की बर्बादी' के जिन नारों को वैचारिक असहमति और अभिव्यक्ति की आज़ादी का आवरण ढँक कर पेश किया गया, उनकी कलई खोलती है यह कहानी.

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रवीश कुमार (एनडीटीवी), कहीं ये आपकी गुमनामी का अँधेरा तो नहीं !
रवीश कुमार (एनडीटीवी), कहीं ये आपकी गुमनामी का अँधेरा तो नहीं !

रवीश की जेएनयू मुद्दे पर ओछी देश विरोधी पत्रकारिता, वास्तव में, वे हिंदी की काबिलियत को अपने एडिटर–मालिकों के राजनैतिक भविष्य पर न्यौछावर कर रहे हैं.

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संतों के ऊपर विवाद से दो फाड़ होता हुआ समाज
संतों के ऊपर विवाद से दो फाड़ होता हुआ समाज

हालिया दौर में संतों-हिन्दू धर्मगुरुओं पर निशाने पर लिया गया है और यह उनके सामाजिक सरोकारों को पीछे धकेल समाज को विषाक्त-विभाजित करने का प्रयास है.