जब अशोक सिंघल ने कहा कि बापू आप पर आरोप लगाना देश को धर्मविहीन बनाने का एक एजेंडा

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Hindutv Warrior Shri Ashok Singhal

भावभीनी श्रद्धांजलि : अपने पूरे जीवन भर रामजन्म भूमि आन्दोलन की अगुवाई करने वाले श्री अशोक सिंघल जी हमें छोड़ कर चले गए. हिन्दू समाज को एकीकृत कर और इस एकीकरण को वोट की ताकत में बदलकर इस शक्ति का महत्ता समझाने में उनके योगदान के लिए हिन्दू समाज हमेशा ऋणी रहेगा.

वे अपनी इस वृद्धावस्था में हिन्दू धर्मगुरुओं पर हो रही ज्यादतियों के विरुद्ध संघर्षरत रहे. खासकर संत आसाराम बापू पर लगे आरोपों पर, जहां एक ओर कई हिंदुत्ववादी नेताओं और संगठनों ने बापू के खिलाफ जन-मानस में बनी विपरीत भावना (दुष्प्रचार के कारण प्रचलित) के चलते अभी तक दूरी बनाये रखी हैं, एक झिझक नज़र आती है, लेकिन श्री अशोक सिंघल जी ने हिन्दू समाज के लिए आस्था के इस मुद्दे पर शुरुआत से बापू और उनके अनुयायियों का समर्थन किया. वे बेबाकी से बापू के प्रति हो रहे अन्याय को उठाते रहे. हाल ही जनवरी में वे बापू से जोधपुर जेल जाकर मिले और प्रेस-कांफ्रेंस कर बापू को गिरफ्तार किये जाने के राजनैतिक पार्श्व कारणों को उजागर किया. बापू के भक्तों को वे बहुत याद आयेंगे कि उनकी बात उठाने वाला, उनकी पीड़ा समझने वाला एक योद्धा चला गया.

ये बात ज्यादा पुरानी नहीं है कि जब दिसंबर 2009 में महज धार्मिक भड़ास निकालने के लिए डीजीपी के आदेश पर गुजरात पुलिस ने तलाशी के नाम पर संत आसाराम बापू के आश्रम पर उनकी अनुपस्थिति में तोड़-फोड़, फायरिंग और साधकों को दौड़ा-दौड़ा कर मारने-पीटने जैसी कार्यवाही को अंजाम दिया तब श्री अशोक सिंघल जी तुरंत हालातों का जायजा लेने के लिए अगली सुबह तडके चार बजे चले आये और एक बापू के भक्तों के लिए संरक्षक की भूमिका निभायी.    

बापू और उनके संबंधों की तो बानगी ऐसी है कि एक बार बापू के एक सत्संग प्रोग्राम में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार की पीड़ा उनके चहरे पर उमड़ आयी और वे भावुक हो बैठे. उन्होंने बापू से हिन्दू आन्दोलनों को गति और ऊर्जा प्रदान करने और अगुवाई करने आग्रह भी किया लेकिन ये बदकिस्मती ही है कि बापू को ही आज इस तरीके से फाँस लिया जायेगा ये कहाँ मालूम था.

बीएचयू से मटलर्जिकल इंजीनियरिंग की डिग्री में उत्तीर्ण और विज्ञान की कई शाखाओं में पारंगत, शास्त्रीय गायन की कला के धनी श्री अशोक सिंघल जी प्राय: बापू के मंचों पर आकर कहा करते कि बापू, आप समेत हमारे समस्त हिन्दू संतों पर घृणित आरोप लगाकर गिरफ्तार करने और उनके संस्थाओं को बदनाम करने के षड़यंत्र रचे जा रहे हैं और इस एजेंडा में आप प्रमुख हैं. क्लिटन काउंट फाउंडेशन समेत कई विदेशी संस्थाओं से आर्थिक मदद प्राप्त हिंदुस्तान में एक बड़ी तादाद में एनजीओ हिन्दू धर्म के विरुद्ध कार्यरत हैं जिनका उद्देश्य हिन्दू धर्मगुरु जो बड़ी संख्या में लोगों को जोड़कर हिंदुत्व को अक्षुण्ण रखे हुए हैं, उनकी संस्थाओं को बर्बाद करना है और देश को अनीश्वरवादी व धर्मविहीन बनाना है. गौरतलब है कि जोधपुर प्रकरण में भी एक संदिग्ध एनजीओ कल्पना की भूमिका स्पष्ट है.

बापू और उनके संबंधों की तो बानगी ऐसी है कि एक बार बापू के एक सत्संग प्रोग्राम में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार की पीड़ा उनके चहरे पर उमड़ आयी और वे भावुक हो बैठे. उन्होंने बापू से हिन्दू आन्दोलनों को गति और ऊर्जा प्रदान करने और अगुवाई करने आग्रह भी किया लेकिन ये बदकिस्मती ही है कि बापू को ही आज इस तरीके से फाँस लिया जायेगा ये कहाँ मालूम था.

इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि श्री अशोक सिंघल जी ने हिन्दू समाज की जातिगत समीकरणों में उलझने से हो रही वोट बैंक की शक्ति को क्षीण होने से बचाने के लिए इसका उन्मूलन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उनका “जो हिंदू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा” का नारा सामान्य हिन्दू को आगाह करता रहेगा. धार्मिक राज्य की स्थापना के लिए उन्होंने शास्त्रों का अर्थों का सही संदर्भीकरण करने और हिन्दू संतों, महंतों- महामंडलेश्वरों को एक मंच पर लाकर धर्म-संसद और मार्गदर्शक मंडल जैसी व्यवस्थाओं का निर्माण करने के कार्यों को अमलीजामा पहनाया. उन्होंने हिन्दू धर्म गुरुओं से आग्रह कर जाति और वर्ग के आधार पर दीक्षा देने को समाप्त करवाया. और यही उन कारणों में से एक है जो बापू के वर्ग-जाति-आर्थिक आधार के बगैर सामान्य हिन्दू को सशक्तिकरण करने के उद्देश्य से दीक्षा देने को श्री अशोक सिंघल जी ने बापू को उनको चहेते संतों में से एक पाया और बापू ने भी अपने मिशन के शुरूआती 90 नब्बे के दशक के समय में रामलला के मंदिर निर्माण के उनके उद्देश्य के लिए खूब रणभेरी बजायी. 

श्री अशोक सिंघल चले गए ... बापू षड़यंत्र के तहत जेल में हैं. हिन्दू समाज के लिए ये शोक के साथ -साथ मुश्किल की भी घडी है. हिन्दू समाज को उसकी दिशा तय करनी है. हिन्दू सशक्तिकरण का श्री अशोक सिंघल जी सपना अभी अधूरा है.

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