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कार्ति चिदम्बरम के ठिकानों पर सीबीआई की रेड पड़ी है. जी हाँ, मनमोहन सिंह की सरकार में रहे वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम के ही बेटे कार्ति चिदम्बरम. यूं तो बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी चिदम्बरम एन्ड सन के पीछे सालों से हाथ धो कर पड़े थे. जाहिरा तौर पर सीबीआई की इस कार्यवाही से जरूर उनकी बाँछे खिल गयी होंगी. एनडीटीवी को पहले ही बेनकाब किया जा चुका है. लेकिन अब चिदंबरम और उनके पूंजीवादी मीडियाई दोस्त कब तक बचे रहेंगे?

भाजपा में विलय होने से पहले जब जनता पार्टी के अध्यक्ष रहकर स्वामी ने आरोप लगाये थे, “चिदम्बरम का बेटा आज सबसे बड़ा दलाल हैं देश में. काला धन का दलाल. और सब न्यूज़ पेपर्स को एसएमएस भेज कर चुप कर देता है. नैतिकता की आयाम में ये जानवर है. चिदम्बरम जब फाइनेंस मिनिस्टर था तब कार्ति उसको मुंबई ले जाता था. फिर चिदम्बरम बयान देते थे, अगले बजट में हम इस्पात पर टैक्स लगाएंगे. तत्काल उसका मार्केट नीचे गिर जाता था. फिर उसके स्टॉक खरीदने के बाद वो दिल्ली जाकर फिर से बयान देता था कि प्रेस ने मेरे बयान को गलत रिपोर्ट किया है. मैंने ऐसा नहीं कहा था. चिदम्बरम ने बजट में एक पार्टीसिपेट्री नोट निकाला जिसके मुताबिक कोई भी भारतीय, किसी भी विदेशी कंपनी में फीडेलिटी इन्वेस्टमेंट के तहत कंपनी के दफ्तर में जाकर कैश रखे, कोई चेक - वेक नहीं केवल कैश . डॉलर में. तो वो आपको एक कागज देंगे जिसमे आपका नाम नहीं होगा, सीरियल नंबर नहीं होगा, डेट नहीं होगी, कुछ नहीं होगा. सिर्फ उसमें अमाउंट होगा और जिस कंपनी ने दिया उसका नाम होगा. उस नोट को लेकर आप हिंदुस्तान आइये और एक फोटो स्टेट कॉपी रिज़र्व बैंक को दीजिये, रिज़र्व बैंक आपको एक चिट्ठी देगी. फिर इस चिट्ठी और पार्टीसिपेट्री नोट को लेकर आप स्टोक मार्केट में जाइये. स्टोक ब्रोकर को कहिये कि मुझे स्टॉक्स खरीदने हैं.आज मैं यदि स्टॉक मार्केट में जाकर स्टॉक्स खरीदूंगा तो मुझसे भी पूछेंगे कि पैसे कहाँ से आयें? परन्तु चिदम्बरम ने नोट बनाया हैं कि पार्टीसिपेट्री नोट पर कुछ भी पूछा नहीं जाएगा. इस तरीके से आपका सारा काला धन विदेशो से वापस आ रहा है और मार्केट ऊपर जाये तो बेच दो और फिर वो पैसा आपको रूपये में मिएगा उसको रिज़र्व बैंक में जाओ, चिट्ठी दिखाओ, तो रिज़र्व बैंक आपको डॉलर दे देगा. सफेद डॉलर. काला डॉलर लेके आये और यहाँ व्हाइट कर दिया. और ये चिदम्बरम के बेटे(कार्ति) का काम यही है. आप देखो वो रोज बाहर रहता है विदेशो में. कभी सिंगापूर में, कभी लीचटिनस्टाइन. उसका तो काम ही यही हैं. अभी इसी ने यहाँ मदुरै में बड़ा मॉल खड़ा कर दिया है.”

स्वामी ने इसी साल फरवरी में कथित तौर पर चिदंबरम के बेटे कार्ति और अन्य परिजनों से जुड़े 21 विदेशी खातों की जानकारी सार्वजनिक की थी. मंगलवार को पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम से जुड़े 14 ठिकानों पर सीबीआई ने छापा मारा, जिसकी मुख्य वजह बहुचर्चित पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी की स्वामित्व  ले INX मीडिया ग्रुप है.

PTI की खबर के मुताबिक, INX मीडिया ने टीवी चैनल शुरू करने के लिए फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (FIPB) से अनुमति मांगी जिसके जवाब में FIPB ने फेस वैल्यू पर 4.62 करोड़ रुपये के FDI की अनुमति दी. साथ ही शर्त रखी कि INX न्यूज़ चैनल के लिए दोबारा FIPB से अनुमति मांगनी होगी. FIPB ने वित्त मंत्री के विचार के लिए INX मीडिया के प्रस्ताव को आगे भेजा, लेकिन INX न्यूज का नहीं. इसके बाद पी. चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते इसको मंजूरी दे दी.

फिर अनुमति न मिलते हुए भी, INX मीडिया ग्रुप ने INX न्यूज के राजस्व में 26 फीसदी की हिस्सेदारी में निवेश किया था, जिसमें विदेशी निवेश भी शामिल था. इसके बाद आईएनएक्स मीडिया ने मंजूर किए हुए 4.62 करोड़ रुपये के खिलाफ जाकर विदेशी निवेशकों को 800 से अधिक प्रति शेयर के प्रीमियम पर शेयर्स जारी कर एफडीआई के जरिए 305 करोड़ रुपये जुटाए. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच विंग ने साल 2008 में कंपनी से सफाई मांगी, तो उसने कहा कि सब कुछ सिफारिशों के तहत किया गया है.

सिफारिशें थी कि कार्ति चिदम्बरम की जिसके प्रभाव के कारण अधिकारियों ने न सिर्फ INX मीडिया की अवैधता को नजरअंदाज किया बल्कि अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर उन्हें फायदा पहुंचाया. साथ ही आरोप है कि कार्ति चिदंबरम की कंपनी चेस मैनेजमेंट सर्विसेज ने बिना इन्वॉइस लिए एडवान्टेज, स्ट्रैटजिक कंसल्टिंग लिमिटेड (ASCPL) से पैसा लिया. साथ में यह भी कहा गया कि कार्ति अप्रत्यक्ष रूप से ASCPL को चला रहे थे.

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