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हाल ही में सोशल मीडिया पर बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल के बीफ़ पार्टी एन्जॉय करने की खबर ट्रेंड हुई थी. थोड़े दिन पहले इसी तरीके से ही ख़राब खाने की शिकायत करने वाले बीएसएफ़ जवान तेज बहादुर यादव की मौत की खबर भी वायरल हुई थी. आये दिन अमिताभ बच्चन, हनी सिंह और बाबा रामदेव के मरने की ख़बरें तो अब कॉमन हो चुकी हैं.

इससे आगे प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का ‘सूत्रों के हवाले’ से खबर है कहकर लोगों को मिसगाईड करने का तरीका तो हम सब जानते ही हैं मगर आजकल सोशल मीडिया की इन्हीं  आधी-अधूरी वायरल कहानियों और फेक न्यूज के बलबूते बहुत से ऑनलाइन चलने वाले न्यूज़ पोर्टल्स और कभी कभी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी खबरों को हवा देते नजर आते है.

आज जितने लोग रेडियो पर समाचार सुनते हैं, उससे ज्यादा बेगाने फोलोवर्स तो किसी फेसबुक पेज पर मिल जाते हैं. इन फेसबुक पेजस के मालिक और ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल्स के संपादक अपने तरीके से खबरों को तोड़ते-मरोड़ते हैं और अपनी मंशा पूरी करते हैं. और तो और फेक न्यूज और अनवेरिफाईड डिजिटल कंटेंट के चलन में मेनस्ट्रीम मीडिया भी अछूता नही है.     

लेकिन व्हाट्सएप्प, फेसबुक और यूट्यूब के इस फर्जी जर्नलिज्म से निपटने के लिए विकीपीडिया के संस्थापक जिमी वेल्स अब विकीट्रिब्यून लेकर आ गए हैं. यह एक ख़ास तरीके की खबरिया वेबसाइट होगी जिसका उद्देश्य फर्जी जानकारियों के प्रचार-प्रसार से निपटना होगा.

क्या है विकीट्रिब्यून के पीछे की कहानी?

टेग लाईन है – एविडेंस बेस्ड जर्नालिज़म. मतलब सबूत के आधार पर पत्रकारिता. अपनी सोच को लेकर जिमी वेल्स का कहना है, “ख़बरे टूट रही हैं. मगर हमें पता करना है कि कैसे ठीक करें. इंटरनेट से पहले, हम केवल परम्परागत समाचार संस्थाओं से समाचार प्राप्त करते थे. संपादक, प्रूफ रीडर्स, रिपोर्ट्स और गेट कीपर पर हम सच बताने के लिए भरोसा करते थे और फिर कीमत भी देते थे. इसीलिए हम समाचार का सम्मान भी करते थे. मगर ख़बरें जब ऑनलाइन हो गई, हमें विज्ञापनों के रूप में ख़बरें मिलना शुरू हो गई. यह एक समस्या है क्यूंकि सस्ते मुकाबले के लिए ओछी गुणवत्ता वाली ख़बरें फैलाना आसान बात है और मूल रूप से ऐसी जानकारियाँ, खबरों को तोड़ रही हैं. इसलिए अब इन्टरनेट के लिए भी गेटकीपर के बारे में विचार की घडी आ चुकी है. और इसे हम कहेंगे विकीट्रिब्यून. यह जर्नलिज्म के प्रोफेशनल मापदंडो पर आधारित समाचार की वेबसाइट है जिसे कुछ पत्रकार और वोलनटियर्स का भरोसेमंद समुदाय मिलकर चलाएगा.”

सूत्रों और सन्दर्भों की जानकारी देनी होगी जरुरी

विकीट्रिब्यून का मकसद है कि पत्रकार सिर्फ उन्हीं खबरों को छापें जिनकी पुष्टि वे खुद कर सकते हैं. विकीट्रिब्यून के पत्रकार खबरों की रिसर्च और रिपोर्टिंग करेंगे वहीँ इन खबरों के तथ्यों की जाँच वोलनटियर्स करेंगे. जाँच के वक्त खबर के सूत्रों की जानकारी देना अनिवार्य होगा. यह वेबसाइट सौ प्रतिशत विज्ञापनों से मुक्त होगी साथ ही विकिपीडिया की तरह कोई भी  व्यक्ति यहाँ ख़बरें पढ़ सकते है और जरुरत पड़ने पर समीक्षा सबमिट भी कर सकते हैं.

वेबसाइट की आमदनी का ज़रियाँ विकीट्रिब्यून के ही समर्थक होंगे जिनके भुगतान से पत्रकारों को पगार दी जाएगी. फ़िलहाल वेबसाइट के दस हजार से अधिक सपोर्टस हैं.

विकीट्रिब्यून : https://www.wikitribune.com/

 

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